सिंधी मंदिरों में गुरुग्रंथ साहिब की जगह रामचरितमानस का पाठ

जूनी इंदौर क्षेत्र में है सिंधु कॉलोनी। यहां पर सिंधी समाज का मंदिर है श्री मोहन धाम। पहले ये मंदिर इंदौर के हरसिद्धि क्षेत्र में हुआ करता था। 1982-84 के वक्त ये मंदिर सिंधु कॉलोनी में बना। मंदिर जब हरसिद्धि में था उस वक्त से ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब का पूजन-पाठ किया जाता था, लेकिन जब मंदिर सिंधु नगर में बना तब यहां भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ जारी रखा गया।

मंदिर की देख-रेख करने वाले सिंधी साधु समाज के अध्यक्ष गुरुचरण दास यहां के गादीपति हैं। उनका कहना है कि दादा-परदादा के वक्त से उनके पास श्री गुरुग्रंथ साहिब था। कुछ साल पहले उनके यहां भी निहंग आए थे। बीच-बीच में उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब को हटाया भी था, लेकिन अभी जो स्थिति बनी उसके बाद हमने पूरे सम्मान के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब को विदा कर ऐतिहासिक गुरुद्वारा इमली साहिब में जमा करा दिया है।

दिसम्बर और जनवरी के महीने में निहंगों का एक समूह पार्श्वनाथ नगर और राजमहल कॉलोनी में स्थिति सिंधी मंदिरों में पहुंचा था। यहां उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब को जिन हालत में देखा उसके बाद उन्होंने मंदिर के कर्ताधर्ताओं को श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सही तरीके से रखने की सलाह भी दी थी। राजमहल कॉलोनी में तो वे श्री गुरु ग्रंथ साहिब अपने साथ ही लेकर चले गए थे। इस मामले के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ये मामला देशभर में फैल गया।

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