गैंगरेप का षड्यंत्र रचाने वाली शातिर महिला खुद अपने जाल में फंसी

गैंगरेप का षड्यंत्र रचकर लोगों को फंसाने और उनसे रुपए ऐंठने वाली शातिर महिला खुद अपने जाल में फंस गई। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब युवक की पत्नी थाने पहुंच गई। पुलिस की पड़ताल में महिला की साजिश सामने आ गई। पुलिस ने आरोपी महिला और उसकी बेटी के खिलाफ केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया है।

पेशे से फोटोग्राफर मनीष वर्मा अपने काम का पेमेंट लेने के लिए पाटनीपुरा गया। पेमेंट लेकर वह अपने दोस्त की मोबाइल दुकान पर आया। यहां एक महिला भागवत कथा का चंदा लेने आई थी। मनीष के हाथों में पैसा देख उसने मनीष से भी चंदा मांगा। मनीष ने 100 रुपए का चंदा उसे दे दिया।

इसके बाद महिला मनीष से और बातें करने लगी। उसके प्रोफेशन के बारे में पूछने लगी। मनीष ने बताया कि वह प्रोफेशन से फोटोग्राफर है। महिला ने उसे अपने यहां होने वाली भागवत कथा में फोटो-वीडियो बनाने का काम दे दिया। सौदा 40 हजार रुपए में तय हुआ।

सात दिवसीय भागवत कथा सोमनाथ की जूनी चाल में हुई। इस दौरान मनीष ने यहां फोटो-वीडियो बनाए और ये पूरा डेटा महिला को सौंप दिया। महिला ने उस वक्त मनीष को 10 हजार रुपए दिए।

धीरे-धीरे मनीष और महिला के बीच फोन पर बातचीत का सिलसिला बढ़ गया। वॉट्सएप पर चैटिंग भी होने लगी। ये रिश्ता और गहरा होने लगा। महिला ऐसा दर्शाती थी, जैसे वह मनीष की काफी केयर करती हो। मनीष भी उससे जुड़ने लगा। इस वक्त तक मनीष की शादी नहीं हुई थी।

मनीष को दोस्ती और बातों के जाल में गहराई तक फंसाने के बाद महिला ने उससे पैसे निकालने का खेल शुरू किया। इसके लिए उसने अलग-अलग तरीके अपनाए। कभी अपने पति को थाने से छुड़वाने के नाम तो कभी अपनी बेटी के अस्पताल में भर्ती होने की बात कहकर वह मनीष से रुपए ऐंठने लगी।

महिला से अच्छी बातचीत होने के कारण मनीष भी उसे पैसे देता रहा। मगर उसे ये नहीं पता था कि महिला उसे अपने जाल में फंसा रही है। महिला उसके इर्द-गिर्द साजिश का जाल बुनती रही। मनीष इस जाल में और अंदर तक फंसता चला गया।

परिचय होने के कुछ ही दिनों बाद साल 2016 में महिला ने मनीष को अपने घर बुलाया। मनीष भी सामान्य तौर पर उस महिला के घर पहुंच गया। यहां दोनों इंटीमेट हो गए। इसके बाद मनीष ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसता चला गया। महिला रेप का केस दर्ज कराने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने लगी।

ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू होते ही मनीष डर गया। उसने महिला से अपना पीछा छुड़ाने की कोशिश की। उसने महिला को भागवत कथा का बचा हुआ हिसाब करने को कहा। मगर शातिर महिला ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और उल्टा उसे धमकाते हुए बोली कि अब तो तूने मुझसे जो बातचीत की उसके पैसे देना होंगे।

2020 में कोरोना का लॉकडाउन खत्म होने के बाद ही मनीष के साथ कुछ ऐसा हुआ जो उसने सोचा भी नहीं था। मनीष जब काम के सिलसिले में शहर से बाहर था। तब उसे महिला का एक वीडियो कॉल आया। वीडियो कॉल उठाते ही मनीष घबरा गया क्योंकि उस वक्त महिला ने खुद को एमआईजी थाने में होना बताया। उसने मनीष से कहा वह रेप की शिकायत करने थाने में आई है और उसने आवेदन भी वीडियो कॉल पर दिखा दिया।

इसके बाद महिला ने उसे थाने आने को कहा। मनीष ने उसे शहर से बाहर होने की बात बताई। काफी समझाने के बाद महिला मानी और अगले दिन मिलने की बात कही। अगले दिन मनीष ने उसे 2 लाख रुपए एकमुश्त दिए और मामला खत्म करने की बात कही।

अगस्त 2022 में शातिर महिला लसूड़िया थाने पहुंच गई। उसने अपने साथ गैंगरेप होने की शिकायत करते हुए मनीष के भाई मयूर, आकाश, परिचित विनोद, सोनू, आशीष, अंकुर इन 6 लोगों के नाम बताए। शातिर महिला ने बताया 2018 में सांई सिटी के एक मकान में उसके साथ गैंगरेप की घटना हुई। कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ देकर उसके साथ वारदात को अंजाम दिया गया और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे लाखों रुपए वसूले गए।

पूछताछ के दौरान जब मनीष की पत्नी थाने पहुंची तो महिला, उसकी बेटी और महिला का पति राजीनामे के नाम पर पैसों की डिमांड करने लगे। वे उससे 5 लाख रुपए मांगने लगे। पुलिस की जांच में जब शातिर महिला ही गलत साबित हुई तो पुलिस ने इस मामले में महिला और उसकी बेटी के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को ये भी पता चला कि महिला और उसकी बेटी ने अलग-अलग थानों में 8 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा रखी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.