करोड़ों कमाने का सपना दिखाकर ठगा

फेसबुक पर अनजानी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करना इंदौर की एक नौकरीपेशा युवती को महंगा पड़ गया। युवती ने इंटरनेशनल ब्रांड की घड़ियों के चक्कर में आकर उनके साथ बिजनेस शुरू करने का मन बनाया। इस चक्कर में आकर उसने करीब तीन लाख रुपए भी आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। लेकिन शक होने पर पता किया तो वे सभी घड़ियां नकली निकलीं। जब बात करने के लिए फोन लगाया तो दोनों के फोन बंद आए। नौकरीपेशा युवती ने अब पुलिस की शरण ली है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता ज्योत्स्ना साहू निवासी नेहरु नगर पलासिया के की एक कंपनी में काम करती है। ज्योत्स्ना की शिकायत पर पुलिस ने मिथलेश साहू और आलोक रत्ना के खिलाफ धोखाधड़ी करने और झूठे वादे करने के मामले में केस दर्ज किया है। पीड़िता ने बताया कि वह इंदौर के पलासिया इलाके में निजी कंपनी में जॉब करती है। उसकी फेसबुक पर 21 जून 2021 को मिथलेश से पहचान हुई थी। मिथलेश ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी तो मैंने एक्सेप्ट कर ली थी। इसके बाद उसने मोबाइल नंबर से क्यूनेट कंपनी इंटरनेशनल बिजनेस प्रोजेक्ट की जानकारी दी। मैंने इसके बारे में उससे और जानना चाहा तो बताया कि वह इंटरनेशनल घड़ी का बिजनेस है।उसने मुझस झूठे वादे करके कहा कि वह इससे जल्द ही करोड़ों रुपए कमा सकती है।

दो खातों में डलवाए रुपए
ज्योत्स्ना ने बताया कि मिथलेश की बातों पर भरोसा करके उसने मिथलेश के बताए अकाउंट में पंजाब नेशनल बैंक के खातों में करीब 2 लाख रुपए जमा कर दिए। इसके बाद मिथलेश ने इंटरनेशनल ब्रांड बताकर कुछ घड़ियां भेजी। बताया कि यह काफी मंहगी बिकती हैं। लेकिन मैंने जब उन घड़ियों की जानकारी निकाली तो वह नकली निकलीं। इसी दौरान फेसबुक के ही माध्यम से आलोक रत्ना ने भी संपर्क कर आईसीआईसीआई बैंक के खातो में 80 हजार रुपए मुझसे ले लिये। बाद में पता चला कि दोनों ही आरोपियों ने अपनी फर्जी आईडी से रिक्वेस्ट भेजी थी। ज्योत्स्ना ने कहा कि जब उसने दोनों को सच्चाई बताने के लिए कॉल किया तो आलोक और मिथलेश दोनों ने ही मोबाइल बंद कर लिए। इसके बाद मामले की लिखित शिकायत थाने पर की गई। जांच के बाद अब पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है।

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