बच्चों को बेहोश कर महिला से रेप

इंदौर में ईयर एंडिंग सेलिब्रेशन के नाम पर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने धोखे से नशीला पदार्थ खिलाकर महिला को बेहोश कर दिया। फिर उसके साथ गलत काम किया, साथ ही वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। उसके 2 बेटों को जान से मारने की धमकी दी। कहता था- मेरा कुछ नहीं होगा, मेरा बाप पुलिस में है।

यह दर्दनाक कहानी है इंदौर में 2 बच्चों की मां की। पुलिस अफसर (ASI) के बेटे ने दोस्ती के बहाने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी। महिला का पति, बच्चे और मां इतने खौफजदा थे कि सुसाइड करने पर आमादा हो गए। वे रिश्तेदार की काउंसिलिंग पर समय रहते संभल गए। तमाम मिन्नतें कर उस पुलिस अफसर के बेटे पर मुकदमा दर्ज करा दिया। इसमें रेप करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

विकास इंदौर के CRP लाइन में ही रहता है। खुद को पुलिस अफसर का लड़का बताता था। छह महीने तक हमारी सामान्य दोस्ती चलती रही। 31 दिसंबर 2021 दिन मेरे लिए इतना मनहूस होगा, यह सोचा भी नहीं था। वह न्यू ईयर सेलिब्रेशन के बहाने मेरे घर आ गया। तब घर में मेरे दोनों बेटे थे। पति ड्यूटी के सिलसिले में बाहर गए हुए थे।

विकास हम तीनों के लिए केक और कोल्ड्रिंक्स लाया था। केक कटवाकर खिलाया तो दोनों बेटे बेहोश हो गए। मैं भी बदहवास हो गई, कुछ देर में मैं भी बेहोश हो गई। उसने बेहोशी की हालत में मुझसे रिलेशन बनाए और VIDEO भी बना लिए। होश में आने पर मुझे एहसास हुआ तो विरोध जताया। इस पर उसने धमकाया कि VIDEO वायरल कर दिए तो कुछ नहीं बचेगा।

एक बार नहीं, उसने यही धमकी कई बार दी और रिलेशन बनाता रहा। मैंने अपने पति को यह पूरी घटना बता दी। उन्होंने बात की तो उन्हें भी धमका दिया। वह कहता था कि तुम्हारे दोनों बच्चों को मार डालूंगा। मेरा कुछ नहीं होगा, मेरा बाप पुलिस में है।

विकास की धमकियों से हम इतना डर गए थे कि मैंने अपनी मां को जबलपुर से साथ रहने के लिए इंदौर बुला लिया। पति बाहर जाते रहते थे, इसलिए मुझे यह डर था कि अकेले रहने पर यह हमें कुछ भी कर सकता है।

उसने मेरा घर से निकलना दुश्वार कर दिया था। घंटों तक अपार्टमेंट के नीचे ही गाड़ी लगाकर खड़ा रहता था। बाहर जाने पर पीछा करता था। मैंने कई मोबाइल नंबर बदले। इस पर वह बच्चों को मारने की धमकी देता था। इस कारण सहती रही।

पति को जब भी यह बातें बताईं तो वह तनाव में आ जाते थे। उन्होंने तो डिप्रेशन में यह तक कह दिया कि मैं दोनों बच्चों के साथ ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दूंगा। आखिर में उन्होंने रिश्तेदार से सलाह मशविरा किया तो उन्होंने पुलिस में हर हाल में शिकायत करने की हिम्मत बंधाई।

हमें इज्जत गंवाने का डर था, फिर अंतत: तंग आकर तिलक नगर थाने पहुंच गए। वहां भी पुलिस ने पहली बार में कुछ नहीं सुना। हमें थाने में बैठाए रखा। जब मैंने पुलिसवाले के बेटे विकास लोहानी का नाम बताया तो वे मुझे ही दोषी कहने लगे। उस रात 3 बजे तक थाने में बैठाए रखा। उसका पिता भी पहुंच गया और समझौते का दबाव बनाने लगा। मेरे पति ने उनसे दो टूक कह दिया कि अब इतने तंग आ गए हैं कि विकास को सजा दिलाकर रहेंगे। पीछे नहीं हटने वाले…। अंतत: वकील के जरिए दखल कराई तब जाकर FIR हो पाई।

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