इंदौर में लड़कियों के सुसाइड का राजफाश

इंदौर में जहर खाने वाली तीन लड़कियों में जिंदा बची एक लड़की नहीं जानती, कि उसकी दोनों सहेलियां मर चुकी हैं। उसने आष्टा से इंदौर आने और जहर खाने तक की पूरी कहानी बताई।

आष्टा से इंदौर आकर तीन छात्राओं ने अलग-अलग कारणों से जहरीली दवा खा ली। इससे दो की मौत हो गई। तीसरी जीवित छात्रा जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रही है। लेकिन उसे यह नहीं पता कि दोनों की मौत हो चुकी है। आष्टा से इंदौर आए छात्रा के परिजनों ने उसे यह नहीं बताया है। उसे केवल इतना बताया कि दोनों का उपचार दूसरे वार्ड में चल रहा है। आरती ने बातचीत में बताया कि पलक ने दवाएं ली थीं। वह तो घर जाने के लिए राजी भी हो गई थी। लेकिन पूजा ने उसकी बात नहीं मानी।

भंवरकुआ इलाके के पास पार्क में जहर खाने वाली पलक और पूजा की मौत के बाद आरती ने बातचीत में बताया कि शुक्रवार को पिता ने उसे कोचिंग में छोड़ा था। यहां से वह मॉडर्न स्कूल चली गई। उसे यहां पलक और पूजा मिली। आरती ने बताया कि वे तीनों अच्छी दोस्त हैं। 12वीं में बायो की पढ़ाई कर रही हैं। पलक और पूजा ने आरती के सामने इच्छा जताई कि घूमने चलते हैं। इसके बाद तीनों बस से इंदौर आ गईं। यहां वह तीन इमली बस स्टैंड पर उतरीं।

पलक की एक सहेली काव्या इंदौर में रहती है। पलक ने तीन इमली बस स्टैंड से उतरते ही काव्या को कॉल किया। काव्या ने उसे नवलखा बुलाया। तीनों ने काव्या से 5 मिनट की ही बातचीत की। इसके बाद वे तीनों पैदल ही चले गए। रास्ते में एक पार्क मिला तो तीनों ने यहीं बैठने का मन बनाया। आधे घंटे तक गार्डन में ही बैठे रहे।

आरती ने बताया कि पलक मेडिकल पर गई थी, उसने दुकानदार से दादी के लिए पेनकिलर दवा खरीदी। पलक ने यह भी बताया था कि उसके बॉयफ्रेंड रोहित उससे चार दिन से बात नहीं कर रहा। पलक इंदौर आई तो उसने यहीं से रोहित को कॉल किया। कहा तुम बात नहीं कर रहे तो मैं जान दे दूंगी। तब रोहित ने उसे समझाया और कहा कि वह आष्टा आ जाए तो मिलकर बात कर लेगा। लेकिन वह नहीं मानी। यह बात पलक ने जब पूजा को बताई तो पूजा ने भी कहा कि एक बार रोहित से मिल ले। वहीं अब पुलिस पलक के बॉयफ्रेंड रोहित को तलाश रही है। हालांकि उसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। फिलहाल पुलिस को ये पता नहीं चला है कि रोहित कहां रहता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *