भोपाल के एक घर में इस तरह चल रहा था मिर्ची बाबा का अय्याशी का अड्डा

भोपाल पुलिस की गिरफ्त में आ चुके मिर्ची बाबा के काले कारनामे अब खुलना शुरू हो चुके हैं. मिर्ची बाबा ने भोपाल की एक कॉलोनी में अय्याशी का अड्डा बना रखा था. बाबा की हरकतों से इलाके के लोग भी परेशान थे. उसके रसूख के आगे किसी की नहीं चलती थी. बाबा और उनके स्टाफ के अजीब व्यवहार की वजह से घर पर महिला कर्मचारी भी ज्यादा दिन तक काम नहीं करती थीं. पहली मंजिल के कमरों में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे. जबकि पूरे घर और घर के बाहरी हिस्से के हर कोने में कैमरे लगे हुए थे. अब पुलिस बाबा की अय्याशी की पूरी कुंडली तैयार कर रही है.

मिर्ची बाबा को महिला थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है. बाबा को जिला कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल 22 अगस्त तक के लिए भेजा है. पुलिस ने उसका अभी रिमांड नहीं लिया है. मिनाल रेसीडेंसी का ए 53 डुप्लेक्स भोपाल में बाबा का ठिकाना था. यह मकान किराए पर लेकर रखा था. घर पर त्रिपाठी रावत, अंसुल रावत के नाम की नेम प्लेट लगी है. आरोप है कि बाबा घर का किराया नहीं देता था. एक तरीके से उसने घर पर कब्जा कर रखा था. पुलिस कार्रवाई की भनक लगने पर मिर्ची बाबा ग्वालियर भाग गया था. घर पर ताला लगा हुआ था और बाहरी हिस्से में उसका सामान बिखरा पड़ा था.

मिर्ची बाबा के कारनामों का खुलासा होने के बाद उसका स्टाफ भी घर छोड़कर अंडर ग्राउंड हो गया है. उसके स्टाफ में एक महिला, एक पुरुष सहित चार लोग हैं. सभी कर्मचारी बाबा के साथ इसी घर में रहते थे. घर के पोर्च में मिर्ची बाबा की कार खड़ी हुई है. किराए के इस डुप्लेक्स को उसने अपनी अय्याशी का अड्डा बना रखा था.

बाबा की हरकतों से इलाके के लोग भी सब परेशान थे. उसके घर पर लोगों का आना जाना लगा हुआ था. कई रसूखदार लोग भी उसके घर आते जाते रहते थे. घर में दिन भर होने वाली हलचल की वजह से जब लोग ज्यादा परेशान हो गए तो उन्होंने इसका विरोध भी किया लेकिन बाबा के रसूख के आगे उनकी एक नहीं चल पायी. मिर्ची बाबा का राजनीतिक धार्मिक और प्रशासनिक कनेक्शन था.

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