नीतीश का दिल है कि मानता नहीं

नीतीश कुमार ने आज यानी 10 अगस्त को आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बीजेपी नेतृत्व वाले NDA से नाता तोड़ने के बाद उन्होंने 9 अगस्त को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। अब राष्ट्रीय जनता दल के साथ गठबंधन के जरिए वह फिर से CM पद पर काबिज हो गए हैं।

बीजेपी से नाता तोड़ना हो या जोड़ना या फिर आरजेडी के साथ आना और उससे अलग होना, नीतीश के लिए ये कोई नई बात नहीं है। पिछले करीब तीन दशक के दौरान बीजेपी और आरजेडी के साथ नीतीश के रिश्ते कई बार बने और बिगड़े हैं। यूं कहें कि पिछले करीब तीन दशकों में कम से कम 4 बार नीतीश का हृदय परिवर्तन हो चुका है।

बीजेपी और आरजेडी से गठबंधन तोड़ने के लिए नीतीश का दो चर्चित C का फॉर्मूला रहा है। C-यानी कम्युनलिज्म या सांप्रदायिकता, जिसे नीतीश बीजेपी से गठबंधन तोड़ने के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। वहीं C-यानी करप्शन, जिसका इस्तेमाल वे आरजेडी से गठबंधन तोड़ने के लिए कर चुके हैं।

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