चीन झोली बाबा बन किडनी, लिवर और हार्ट जैसे अंगों का धंधा कर रहा है।

बचपन में आपने अकसर बड़े-बुजुर्गों से सुना होगा कि उधर मत जाना वरना ‘झोली बाबा’ आ जाएगा। जब हम पूछते झोली बाबा क्या करेगा? तो जवाब मिलता कि वो बच्चों को झोले में भरकर ले जाता है और उनकी आंख, नाक, कान निकालकर बेच देता है।

चीन इस वक्त वही झोली बाबा बन चुका है, जो अपने ही देश के कैदियों के किडनी, लिवर और हार्ट जैसे अंगों का धंधा कर रहा है। दुनिया इसे ‘फोर्स्ड ऑर्गन हार्वेस्टिंग’ कहती है। इसके सबसे बड़े शिकार बन रहे हैं फालुन गोंग और उइगर मुसलमान जैसे हाशिए पर पड़े समुदाय, जिन्हें चीन सरकार अपने लिए रोड़ा मानती है।

उइगर मुस्लिम चीन का एक अल्पसंख्यक समुदाय है जो शिनजियांग प्रांत में रहता है। चीन इन्हें स्वदेशी समूह मानने से इनकार करता है और इन पर आतंकवाद और अलगाववाद के आरोप लगाता रहा है। इसलिए उइगर मुस्लिमों के साथ भेदभाव होता है और उन्हें प्रताड़ित किया जाता है।

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