हर दिन नई कार से फिल्मों के सेट पर जाया करते थे भगवान दादा।

भगवान दादा……जो इंडियन सिनेमा के पहले डांसिंग सुपरस्टार थे, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक कपड़ा मिल में मजदूर के रूप में की थी। हिंदी फिल्मों के पहले एक्शन हीरो का टाइटल भी उन्हें ही दिया गया और मुक्कों से लड़ाई की शुरुआत भी भगवान दादा ने ही की थी। दादा इतने अमीर थे कि उनके पास 7 कारें थीं और हर दिन नई कार से फिल्मों के सेट पर जाया करते थे। इनके डांस का जादू ऐसा था कि अमिताभ बच्चन, गोविंदा और मिथुन इन्हें अपना इंस्पिरेशन मानते हैं और इनके डांस स्टेप को आज भी फॉलो करते हैं।

भगवान दादा का जन्म 1913 में महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था। उनका असली नाम भगवान अबाजी पांडव था। उनका बचपन दादर और परेल के मजदूर इलाके में बीता था और चौथी कक्षा के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद दादा ने एक कपड़ा मिल में मजदूर के रूप में काम करना शुरू कर दिया। काम करने के दौरान ही भगवान दादा का झुकाव एक्टिंग की ओर हो गया था।

भगवान दादा ने साइलेंट फिल्मों के दौर में इंडियन सिनेमा में काम करना शुरू किया था। इसी दौरान उन्होंने फिल्म मेकिंग भी सीखी। 1931 से लेकर 1996 तक यानी करीब 65 साल तक उन्होंने सिनेमा जगत में बतौर एक्टर, डायरेक्टर और कॉमेडी के बेताज बादशाह के रूप में काम किया। भगवान दादा ने फिल्म ‘क्रिमिनल’ से फिल्म जगत में डेब्यू किया था।

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