साॅफ्टवेयर की मदद से फर्जी मार्कशीट बनाने का काम करता था

इंदौर में क्राइम ब्रांच ने फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपी ने एजुकेशन इंस्टीट्यूट खोलकर वहां फर्जी मार्कशीट बनाने का काम कर रहा था। इसके लिए बाकायदा उसने ऑफिस खोल रखा था। वह यहां से 10वीं, 12वीं समेत ग्रेजुएशन और अन्य की फर्जी मार्कशीट बनाता था। करीब 4 साल में उसने 554 फर्जी सर्टिफिकेट बनाए हैं। इनसे डेढ़ करोड़ रुपए कमाए हैं। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

क्राइम ब्रांच को फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह की सूचना मिली थी। इसके बाद रविवार को तिलक नगर इलाके में सहर्ष इंस्टीट्यूट ऑफ आईटी मैनेजमेंट पर छापा मारा। यहां से संस्था का संचालक सतीश पिता उमाशंकर गोस्वामी निवासी जूनी इंदौर को पकड़ा। तलाशी में पता चला कि एक साॅफ्टवेयर की मदद से वह फर्जी मार्कशीट बनाने का काम करता था।

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