शिवराज सरकार ने 12वीं एमपी बोर्ड एग्जाम रद्द कर दी।

एजुकेशन एक्सपर्ट कहते हैं कि परीक्षा रद्द कर स्टूडेंट्स की पास-फेल की दुविधा खत्म हो गई। खुद को पास मानते हुए आगे की तैयारी में लग जाना चाहिए। 12वीं में उन्हें जो अंक मिलने वाले हैं, वे पिछली परीक्षा और टीचर के आंकलन के आधार पर मिलेंगे। तरीके अलग हो सकते हैं पर डेटा का सोर्स यही रहेगा।

मध्यप्रदेश में रिजल्ट के लिए आंतरिक मूल्यांकन के साथ 10वीं या पिछली तीन परीक्षाओं के नतीजों को आधार बनाया जा सकता है। 10वीं में जिस तरह से परीक्षा निरस्त होने पर तिमाही, छमाही और सालाना प्रोजेक्ट के अंकों को आधार बनाकर रिजल्ट तैयार कराया, उसी तरह 12वीं में रिजल्ट बनाने पर विचार हो रहा है।

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