वेंटिलेटर का प्रयोग मरीजों के लिए क्यों नहीं हो पाया?

जबलपुर हाईकोर्ट में गुरुवार को कोरोना महामारी मामले में स्वत: संज्ञान समेत 14 याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी। इस दौरान सरकार की एक्शन टेकन रिपोर्ट से पता चला था कि 204 वेंटिलेटर इस्तेमाल में लाए ही नहीं गए। ये स्टोर रूम में ही बंद पड़े रहे। इस पूरे मामले में अब कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा – “मामा सरकार” तो “कातिल” निकली। लोग ऑक्सिजन के अभाव में मारते रहे और सरकार 204 वेंटिलेटर स्टोर रूम में दबाये बैठी रही?

सुनवाई में खुलासा हुआ था कि प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान 204 वेंटिलेटर सरकारी अस्पतालों के स्टोर रूम में बंद पड़े थे, जिन्हें बैकअप व्यवस्था बताकर अस्पतालों में इस्तेमाल ही नहीं किया गया। सरकार के जवाब पर कोर्ट मित्र ने आपत्ति लेते हुए कहा कि अगर स्टोर रूम में बंद पड़े वेंटिलेटर का इस्तेमाल किया जाता, तो शायद कोरोनाकाल में इतनी मौतें नहीं होतीं। कोर्ट मित्र की आपत्ति के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है कि पीएम केयर फंड से अस्पतालों को मिले वेंटिलेटर का प्रयोग मरीजों के लिए क्यों नहीं हो पाया?

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