विजय सक्सेना और महिला कर्मचारी (क्लर्क) हेमाली वैद्य निलंबित

3 दिन पहले नगर निगम के अफसर और महिला क्लर्क को 25 हजार की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा था। मामले का संज्ञान लेते हुए नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने बुधवार शाम दोनों को निलंबित कर दिया। इस दौरान इनका मुख्यालय ट्रेंचिंग ग्राउंड रहेगा। कॉन्ट्रेक्टर की शिकायत पर लोकायुक्त ने नगर निगम के जनकार्य विभाग के अधीक्षक विजय सक्सेना और महिला कर्मचारी (क्लर्क) हेमाली वैद्य को सोमवार दोपहर 1.30 बजे गिरफ्तार किया था। सक्सेना के पास 3 करोड़ की संपत्ति मिली है।

विजय सक्सेना इंदौर नगर निगम में करीब 25 साल से तैनात है। इस दौरान, वह निगम के अलग-अलग विभागों में रहा। करीब 12 साल वह नक्शा विभाग में भी रहा। इस दौरान भी उसके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें थीं। फिर वह बिल सेक्शन में आकर जनकार्य विभाग का अधीक्षक हो गया। उसने रिश्वतखोरी में महिला कर्मचारी हेमाली को भी शामिल कर लिया। अक्सर वह उसी के माध्यम से रिश्वत लेता था, ताकि सीधे खुद पकड़ा न जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *