रेमडेसिविर कालाबाजारी में मंत्री की पत्नी का ड्राइवर हिरासत में

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी मामले में इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट की पत्नी के ड्राइवर गोविंद राजपूत को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इंदौर की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया के ड्राइवर पुनीत अग्रवाल के बयान में इसका नाम लिया था। इधर मीडिया के सामने बयान देने पर पुलिस ने एक होमगार्ड और सिपाही पर कार्रवाई की है।

देर रात तक थाने में हुई पूछताछ गोविंद ने बताया कि ड्राइवर पुनीत अग्रवाल ही इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहा था। कुछ समय पहले गोविंद की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। इसके बाद से वह बहुत डरा हुआ था। उसने पुनीत से संपर्क किया, जहां उसने इंजेक्शन के लिए जब बात की गई तो उन्होंने 7000 में इंजेक्शन मिलना बताए थे। गोविंद ने इंजेक्शन खरीद लिए और कुछ दिनों बाद जब गोविंद अपनी आरटी पीसीआर रिपोर्ट टेस्ट कराए। तो वह रिपोर्ट निगेटिव उसके बाद उसने वह दोनों इंजेक्शन पुनीत को वापस लौटा दिए।

दोनों की मिली कॉल डिटेल

ब्लैक में रेमडेसिविर इंजेक्शन के आरोप के बाद जहां प्रदेश राजनीति पूरी तरह से गरमा गई थी। पुलिस ने देर रात गोविंद राजपूत को भी हिरासत में ले लिया और पुनीत और दोनों के बीच कब-कब बात हुई इस की कॉल डिटेल भी निकाली है। एसपी आशुतोष बागरी की माने तो पुनीत केस को गुमराह कर रहा है और उसने एक अन्य युवक बंटी से इंजेक्शन खरीदना बताए है। पुलिस अब बंटी नाम के युवक की तलाश कर रही है।

दो पर गिरी गाज

पुलिस कस्टडी में मंत्री की पत्नी के ड्राइवर पर आरोप लगाने की घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात होम गार्ड सैनिक और पुलिस जवान पर कार्रवाई की गई। होम गार्ड सैनिक लक्ष्मण शर्मा होम गार्ड को मुख्यालय अटैच कर दिया गया। सत्यनारायण नामक पुलिस जवान को भी लाइन अटैच कर दिया है। गौरतलब है कि 18 मई को कोर्ट ले जाते समय आरोपी पुनीत अग्रवाल ने कैमरे के सामने बयान दिया था।

यह है मामला

विजय नगर पुलिस द्वारा सोमवार को आरोपी पुनीत अग्रवाल को इंजेक्शन बेचते पकड़ा गया था। पुनीत ने दावा किया है कि जो इंजेक्शन वह बेचने के लिए लाया था, वह उसे ट्रेवल एजेंसी इम्पैक्ट के ही एक अन्य ड्राइवर गोविंद राजपूत ने 14 हजार रुपए में दिया था। हालांकि पुलिस का कहना है कि पुनीत का दो दिन का रिमांड मिला है, लेकिन अभी उसके आधिकारिक बयान नहीं हो पाए हैं।

पुनीत इम्पैक्ट ट्रेवल एजेंसी पर काम करता है और छह महीने से जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया की गाड़ी चला रहा है। सोमवार को विजयनगर पुलिस ने उसे 15 हजार रुपए में रेमडेसिविर खरीदने के बहाने बुलाकर रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। मंगलवार को कोर्ट जाने से पहले मीडिया से चर्चा में पुनीत ने कहा कि गोविंद भी उसी एजेंसी में काम करता है। वह पहले भी कई लोगों को इंजेक्शन बेच चुका है। एजेंसी के मार्फत वह मंत्री तुलसी सिलावट की पत्नी की गाड़ी चलाता है।

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