भारती की कहानी

भारती बोलीं- मेरी मां दूसरों के घरों में खाना बनाती थी और माता रानी के दुपट्टे सिलती थी, जिसके कारण घर पर सिलाई मशीन की आवाज लगातार आती थी। मैं 21 साल से उस शोर में जी हूं। मैं वहां कभी वापस नहीं जाना चाहती। मेरे बहुत बड़े सपने नहीं हैं लेकिन मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि मेरे पास जो कुछ है उसे बनाए रखें। हमने नमक रोटी खाई है लेकिन अब हमारे पास दाल, सब्जी और रोटी है। मुझे उम्मीद है कि मेरे परिवार के पास हमेशा खाने के लिए कम से कम दाल होगी। मैं कभी भी उस स्थिति का सामना नहीं करना चाहती और न ही मेरे परिवार को इससे गुजरना पड़ेगा।

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