पुष्पक विमान अग्नि और वायु ऊर्जा से उड़ान भरता था

पुष्पक विमान का अस्तित्व प्रमाणित हो चुका है। रामायण काल में ईंधन के रूप में पेट्रोल अथवा बैटरी के उपयोग के प्रमाण नहीं मिलते। ऐसे में प्रश्न उपस्थित होता है कि रावण के पास जो पुष्पक विमान था उसमें कौन सा ईंधन उपयोग किया जाता था। एक अन्य प्रश्न यह है कि पुष्पक विमान फाइटर प्लेन जैसा था या फिर प्राइवेट जेट जैसा। आइए जानते हैं पुष्पक विमान की खास बात क्या थी और क्या दुनिया में इसके समकक्ष कोई दूसरा विमान भी था। 

श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड के सप्तम अध्याय में पुष्पक विमान के बारे में जानकारी दी गई है। बताया गया है कि पुष्पक विमान की आकृति मोर के समान थी। इसका आकार बढ़ाया जा सकता था। एक प्राइवेट जेट की तरह इसके अंदर सभी आरामदायक सुविधाएं उपलब्ध थी। रावण जिस कुर्सी पर बैठता था, वह बहुमूल्य नीलम पत्थर की बनी हुई थी। विमान पूरी तरह से वातानुकूलित था। इस सबके अलावा इंधन के बारे में लिखा है कि पुष्पक विमान अग्नि और वायु ऊर्जा से उड़ान भरता था। 

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