जमीन के सौदागर को बेल

देवी अहिल्या हाउसिंग सोसायटी की अयोध्यापुरी काॅलोनी में गलत तरीके से जमीन खरीदने के आरोपी सुरेंद्र संघवी, प्रतीक संघवी को हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत का लाभ दे दिया। कोर्ट ने संघवी को स्पष्ट कह दिया है कि वह पूरी तरह से पुलिस का सहयोग करेगा। जब पुलिस बुलाए उसे आना होगा। इसके अलावा उसकी जमानत में देश छोड़कर नहीं जाने की शर्त भी जुड़ी हुई है। इन दोनों के अलावा मुकेश खत्री और पुष्पेंद्र नीमा को भी राहत मिल गई। सुरेंद्र, प्रतीक काफी समस से फरार थे। पुलिस ने इनकी तलाश में छापे भी मारे, लेकिन पुलिस को कभी सफलता नहीं मिली। हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत दायर हुई तो भी पुलिस अर्जी को खारिज कराने में नाकाम रही।

फरवरी में पुलिस ने प्रशासनिक टीम के साथ मिलकर दी थी दबिश
भूमाफिया के खिलाफ 18 फरवरी को सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 3,250 करोड़ रुपए की जमीन भूमाफिया से मुक्त कराई गई थी। प्रशासन ने महज चार गृह निर्माण संस्थाओं की ही 6 हजार 890 करोड़ से ज्यादा की जमीन छुड़वा ली थी। इस जमीन से 3 हजार से ज्यादा पीड़ित सदस्यों का खुद की जमीन पाने का सपना पूरा होने वाला है। इसमें मजदूर पंचायत की पुष्प विहार कॉलोनी, देवी अहिल्या की अयोध्यापुरी और खजराना की हिना पैलेस में इन लोगों ने कब्जा कर रखा था। इंदौर जिले में कुल 858 सोसाइटियों में से 128 की शिकायतें मिली थी। इनमें से 17 भूमाफिया पर प्रकरण दर्ज किए गए थे।

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