कोरोना से मौतों के आंकड़ों को छुपाने का आरोप लगाने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमाई

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा सरकार पर कोरोना से मौतों के आंकड़ों को छुपाने का आरोप लगाने के बाद राजनीति गरमा गई है। कमलनाथ का कहना था कि मार्च और अप्रैल के महीने में 1 लाख 27 हजार मौतें हुई, जिनमें 80 फीसदी कोरोना से हुई हैं। यानी इन दो महीनों में 1 लाख 2 हजार मौतें कोरोना से हुई। इसके बाद गृहमंत्री ने कमलनाथ पर धारा 188 और राष्ट्रद्रोह या इससे संबंधित धाराओं में कार्रवाई करने की मांग की। अब इस मुद्दे पर इंदौर के दो दिग्गज नेता पूर्व मंत्री जीतू पटवारी और भाजपा विधायक रमेश मेंदोला कूद पड़े हैं। पटवारी ने लिखा – हजारों “हत्याओं” के बाद भी सरकारी-बेशर्मी शिव’राज की सोच बताती है। मंदोला ने एक आग लगाने वाला वीडियो शेयर किया।

जीतू पटवारी बोले – पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि कमलनाथ ने सरकार को आगाह किया कि व्यवस्था को दुरुस्त करो। करीब एक लाख लोग मप्र में कोविड से काल के गाल में समा गए हैं। मुख्यमंत्री और सरकार ने इस पर संज्ञान लेने की जगह एफआईआर की बात कही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने अलग-अगल तरीके से कमलनाथ को क्रिटिसाइज किया। मुख्यमंत्री जी आपके काम करने करने का तरीका यही है तो कमलनाथ जी पर ही नहीं लाखों लोगों पर आपको मुकदमा लगाने पड़ेंगे। इसमें कांग्रेसी ही नहीं, लाखों जर्नलिस्ट और जनता होगी। किसी गांव में जाइए और 2000 की आबादी में पूछेंगे तो दूसरी ओर से आवाज आएगी, 10 से 15 लोगों की जान गई। प्रदेश में 1 हजार पर 5 से 10 लोगों की मौत हुई है। कोविड में कितने गए यह आप समझते हैं। एफआईआर की धमकी देकर डराने और कुप्रबंधन के छुपाने की बात आप करते हो। यह निंदनीय है। अपनी सरकार की सोच को सही करो। कमलनाथ के सुझाव को संज्ञान में लाओ और प्रदेश की जनता को बचाओ यही आग्रह है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *